

स्थान :हल्द्वानी
रिपोर्टर :पंकज सक्सेना

हल्द्वानी में आज उच्च शिक्षा निदेशालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब नैनीताल जिले के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर तालाबंदी कर दी। गुस्साए छात्रों ने निदेशक का घेराव किया, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।


छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड विश्वविद्यालयों में इस बार करीब 60% प्रतिशत छात्र-छात्राएं अनुत्तीर्ण हो गए हैं, जिससे उनका भविष्य अंधेरे में लटक गया है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेशभर के कॉलेजों में लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा है।


प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा मंत्री और कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में छात्रों को फेल किया गया है। उनका कहना है कि यह छात्रों के साथ अन्याय है।


छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद बैक परीक्षा (सुधार परीक्षा) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे अनुत्तीर्ण छात्रों को दोबारा मौका नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है।

छात्रों का कहना है कि वे लगातार उच्च शिक्षा निदेशालय और विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इसी से नाराज होकर उन्होंने आज तालाबंदी का कदम उठाया।


प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे उत्तराखंड में उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


छात्रों की मुख्य मांग है कि नई शिक्षा नीति में संशोधन करते हुए पुरानी व्यवस्था के तहत सुधार परीक्षा को फिर से लागू किया जाए, ताकि अनुत्तीर्ण छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिल सके।

वहीं उच्च शिक्षा निदेशालय के अपर डायरेक्टर निदेशक ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों को शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, लेकिन शासन से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

