सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026: लड़कियों ने फिर मारी बाजी, त्रिवेंद्रम टॉप पर, नोएडा में गिरावट

सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026: लड़कियों ने फिर मारी बाजी, त्रिवेंद्रम टॉप पर, नोएडा में गिरावट

ब्यरो रिपोर्ट

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित 10वीं कक्षा के इस वर्ष के परिणाम कई मायनों में खास रहे। देशभर के 22 रीजन में घोषित परिणामों में कुल 93.70% छात्र-छात्राएं सफल रहे। एक बार फिर जहां लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी, वहीं त्रिवेंद्रम रीजन ने देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास दोहराया।


लड़कियों का शानदार प्रदर्शन

इस साल भी शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं ने अपनी श्रेष्ठता साबित की।

  • लड़कियों का पास प्रतिशत: 94.99%
  • लड़कों का पास प्रतिशत: 92.69%

इस अंतर ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बोर्ड परीक्षा में छात्राएं लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही हैं।


देश में टॉप रीजन

रीजन वाइज परिणामों में दक्षिण भारत का दबदबा देखने को मिला।

  • त्रिवेंद्रम – 99.79% (प्रथम स्थान)
  • विजयवाड़ा – 99.79%
  • चेन्नई – 99.58%
  • बेंगलुरु – 98.91%
  • दिल्ली वेस्ट – 97.45%

त्रिवेंद्रम ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को साबित किया है।


दिल्ली-एनसीआर का प्रदर्शन

राजधानी क्षेत्र में प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

  • दिल्ली वेस्ट – 97.45%
  • दिल्ली ईस्ट – 97.33%
  • गुरुग्राम – 93.21%
  • नोएडा – 87.66%

उत्तर भारत के प्रमुख रीजन

उत्तर भारत में प्रदर्शन औसत से बेहतर रहा।

  • लखनऊ – 91.63%
  • देहरादून – 91.59%
  • पंचकुला – 92.24%
  • प्रयागराज – 89.45%

नोएडा में गिरावट चिंता का विषय

इस साल नोएडा रीजन के परिणामों में गिरावट दर्ज की गई है।

  • 2026: 87.66%
  • 2025: 90.75%
  • गिरावट: 3.09%

यह गिरावट शिक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है।


स्कूल कैटेगरी में प्रदर्शन

स्कूल स्तर पर केंद्रीय विद्यालयों ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल किया।

  • केंद्रीय विद्यालय (KV) – 99.57%
  • जवाहर नवोदय विद्यालय – 99.42%
  • सेंट्रल तिब्बतन स्कूल – 97.42%
  • निजी स्कूल – 93.77%
  • सरकारी स्कूल – 91.43%
  • सरकारी सहायता प्राप्त – 91.01%

निष्कर्ष

सीबीएसई 10वीं का यह परिणाम जहां छात्राओं की लगातार बढ़त और दक्षिण भारत के शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है, वहीं कुछ क्षेत्रों जैसे नोएडा में आई गिरावट पर ध्यान देने की आवश्यकता भी उजागर करता है।