श्रीनगर में गुड़ वितरण को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

श्रीनगर में गुड़ वितरण को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

स्थान : श्रीनगर गढ़वाल
ब्यरो रिपोर्ट

अंबेडकर जयंती के अवसर पर श्रीनगर मंडल के विभिन्न बूथों पर अनुसूचित जाति परिवारों को गुड़ वितरण किए जाने को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सूरज घिल्डियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इस कार्यक्रम को “राजनीतिक गुड़ वितरण” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आयोजन आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखकर किया गया है।

घिल्डियाल ने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में अपेक्षित विकास कार्य नहीं किए और अब चुनाव नजदीक आते ही अनुसूचित जाति वर्ग को लुभाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मिस्त्री मोहल्ला और टम्टा मोहल्ला समेत कई क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अनुसूचित जाति परिवारों को लाइन में खड़ा कर गुड़ के थैले बांटे गए, जो सामाजिक सम्मान के बजाय राजनीतिक दिखावा है।

वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। मंडल महामंत्री एवं पार्षद शुभम प्रभाकर ने कहा कि कांग्रेस भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है।

उन्होंने बताया कि अंबेडकर जयंती के अवसर पर यह कार्यक्रम श्रद्धा और सम्मान के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों—शिक्षा, समानता और न्याय—से प्रेरणा ली गई है।

भाजपा का दावा है कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और यह कार्यक्रम उसी का एक हिस्सा है।

इधर स्थानीय निवासी बीएल शाह ने भी इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10-10 किलो के बैग बांटना कई तरह के संदेह पैदा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डॉ. अंबेडकर ने पूरे समाज के लिए काम किया, तो कार्यक्रम किसी एक वर्ग तक सीमित क्यों रखा गया।

अंबेडकर जयंती पर हुआ यह गुड़ वितरण कार्यक्रम अब क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जहां एक पक्ष इसे श्रद्धा का प्रतीक बता रहा है, तो दूसरा इसे चुनावी रणनीति के रूप में देख रहा है।