

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

देवभूमि उत्तराखंड के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। ऋषिकेश के गंगा बैराज जलाशय में दूसरी बार 19-सीटर सी-प्लेन का सफल ट्रायल संपन्न हुआ। इस परीक्षण ने राज्य के पर्यटन के नए अवसरों को जन्म दिया है।


स्काई हॉप कंपनी के इस विमान ने गंगा की लहरों को पार करते हुए विपरीत धारा के बावजूद अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। विमान ने दो बार टेक-ऑफ और दो बार लैंडिंग की, जिससे इसकी उड़ान तकनीक की सुरक्षा और सटीकता साबित हुई।


विशेषज्ञों ने बताया कि नदी की विपरीत दिशा में सफल संचालन से यह स्पष्ट हुआ कि ऋषिकेश की भौगोलिक परिस्थितियों में यह सेवा पूरी तरह सुरक्षित है।


ट्रायल के दौरान प्रशासनिक टीमों का कड़ा इंतज़ाम था। पुलिस, SDRF, फायर ब्रिगेड और UJVNL की टीमें मौके पर तैनात रहीं, ताकि सभी सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जा सकें।
6 अप्रैल को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शुरू हुई यह परियोजना अब गंगा बैराज तक धरातल पर उतरने की प्रक्रिया में है। विमान की सफलता से यह संकेत मिलता है कि जल्द ही पर्यटक इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सी-प्लेन सेवा शुरू होने के बाद विदेशी और उच्च वर्गीय पर्यटक सीधे ऋषिकेश के केंद्र तक पहुंच सकेंगे। यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

जौलीग्रांट से बैराज तक का यह सफर अब मिनटों में तय होगा, जिससे पर्यटकों की सुविधा बढ़ेगी और शहर में ट्रैफिक की समस्या से भी निजात मिलेगी। स्थानीय टैक्सी संचालक, गाइड और बाजार भी इस सेवा से लाभान्वित होंगे।

