कालाढूंगी और लालकुआं में मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग का खुलासा

कालाढूंगी और लालकुआं में मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग का खुलासा

स्थान : कालाढूंगी (लालकुआं)
ब्यूरो रिपोर्ट

जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी कालाढूंगी विपिन पंत के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने कालाढूंगी मुख्य बाजार स्थित विदेशी मदिरा की दुकान का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई क्षेत्रीय जनता की लगातार शिकायतों के बाद की गई, जिसमें दावा किया गया था कि मदिरा को अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा है।

उपजिलाधिकारी विपिन पंत के निर्देशन में बुधवार को शाम 5:00 बजे बाद छापेमारी की गई। टीम ने अपनी पहचान छुपाकर ग्राहक बनकर रॉयल स्टैग का हाफ और क्वार्टर खरीदा और गूगल पे के माध्यम से भुगतान किया। जांच में पता चला कि कुल 620 रुपये के भुगतान में प्रत्येक बोतल पर 10 रुपये अधिक लिया गया था।

दुकान के बाहर गुप्त रूप से अन्य ग्राहकों से भी ओवर रेटिंग के बारे में जानकारी ली गई। उन्होंने पुष्टि की कि उन्हें भी एमआरपी से अधिक मूल्य पर मदिरा बेची गई थी। इसी आधार पर उपजिलाधिकारी ने क्रेता अजय कुमार के बयान दर्ज किए, जिन्होंने विक्रेता द्वारा ओवर रेटिंग स्वीकार की।

छापेमारी के दौरान स्टॉक पंजिका और बिक्री पंजिका की भी जांच की गई। जांच में स्टॉक और पंजिका में अंतर पाया गया। इसके अलावा, बिलिंग मशीन चालू नहीं थी और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पता चला कि ग्राहकों को बिल नहीं दिए जा रहे थे। दुकान के बाहर रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं थी।

दुकान में उपस्थित सेल्स मैनेजर पंकज मेहरा ने बताया कि दुकान में मेरे अतिरिक्त तीन कर्मचारी और कार्यरत हैं। अन्य ग्राहकों ने भी ओवर रेटिंग की पुष्टि की। उपजिलाधिकारी ने शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित दुकान के खिलाफ कार्यवाही की संस्तुति की।

इसी प्रकार उपजिलाधिकारी लालकुआं रेखा कोहली ने लालकुआं तहसील में चार मदिरा अनुज्ञापित दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि देशी और विदेशी मदिरा दुकानों में भी बोतलों के एमआरपी से अधिक मूल्य पर बिक्री की जा रही थी।

राजस्व टीम ने अनुज्ञापी निर्मल उपाध्याय, हरिश्चंद्र तिवारी, सुरेश सिंह नेगी और कैलाश चंद्र पंत की दुकानों पर छापेमारी की। सभी दुकानों में ओवर रेटिंग के साथ स्टॉक और बिक्री पंजिका अपूर्ण पाई गई, बिलिंग मशीन खराब थी और पुलिस सत्यापन भी अनुपस्थित था। इस प्रकार चारों दुकानों में नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से सामने आया।