

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

बदरीनाथ की गाडूघड़ा (तेल कलश) यात्रा 7 अप्रैल को नरेंद्रनगर से आरंभ हुई और ऋषिकेश पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था।


इस वर्ष 23 अप्रैल को विधिपूर्वक बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यात्रा के दौरान लाखों भक्त चेला चेतराम धर्मशाला में गाडूघड़ा के दर्शन करने के लिए पहुंचे।


भक्तों ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं का पूर्ण ध्यान रखा गया।


गाडूघड़ा यात्रा में आदि गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व विधायक प्रत्याशी कर्नल कोठियाल भी शामिल हुए और उन्होंने तेल-कलश के दर्शन किए।
यात्रा दोपहर के कार्यक्रमों के पश्चात अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। मार्ग में भजन-कीर्तन और स्थानीय सहयोग से यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की गई।

पुरानी परंपरा के अनुसार राजदरबार नरेंद्रनगर से महाराजा मनुजयेंद्र शाह गाडूघड़ा तेल कलश यात्रा का शुभारंभ करते हैं। इसी दिन राजमहल में महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह सहित सुहागिन महिलाएं तिल का तेल कलश डिम्मर पंचायत को सौंपती हैं।

देर शाम पवित्र तेल-कलश गाडूघड़ा चेला चेतराम धर्मशाला, ऋषिकेश पहुंचा। अगले दिन पूजा-अर्चना के पश्चात यह यात्रा बद्रीनाथ की ओर प्रस्थान करेगी।

