
स्थान : बाजपुर

रिपोर्टर- विशेष शर्मा

बाजपुर के चीनी मिल क्षेत्र में सरकारी आवासों को खाली कराने को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। लंबे समय से अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने के लिए प्रशासन टीम के साथ मौके पर पहुंचा, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।


जानकारी के अनुसार, चीनी मिल के कई पूर्व कर्मचारी सेवा समाप्त होने के बावजूद वर्षों से सरकारी क्वार्टरों में रह रहे हैं। प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार इन आवासों को खाली करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लोग वहां से नहीं हटे।


उपजिलाधिकारी अमृता शर्मा ने करीब 10 दिन पहले 153 आवासों को चिन्हित कर खाली करने के निर्देश दिए थे। सभी निवासियों को 23 मार्च तक का समय दिया गया था, जिसके बाद आज कार्रवाई शुरू की गई।

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान पुलिस फोर्स और प्रशासनिक टीम के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। प्रशासन को देखकर वहां रह रहे लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।


प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें कम से कम चार महीने का समय दिया जाए ताकि वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। इस दौरान पूर्व दर्जा राज्य मंत्री जितेन्द्र शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों की तहसीलदार से तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष जेसीबी के सामने धरने पर बैठ गए।


प्रदर्शनकारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन और पुलिस टीम को कार्रवाई रोककर वापस लौटना पड़ा। फिलहाल लोगों को राहत मिल गई है, लेकिन आगे प्रशासन क्या रुख अपनाता है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।

