
ब्यरो रिपोर्ट

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते युद्ध और तनाव का असर अब उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्यटन शहर मसूरी में भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से शहर के होटल और ढाबों का व्यवसाय ठप पड़ने लगा है।


होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि कई को मजबूरन अपने किचन बंद करने पड़ रहे हैं, जिससे पूरे पर्यटन कारोबार में हड़कंप मचा हुआ है। मसूरी में अधिकांश होटल और ढाबे 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर ही निर्भर हैं।

सप्लाई में रुकावट के कारण कई होटल संचालकों ने अपने किचन बंद कर दिए हैं, जबकि कुछ ढाबों ने अस्थायी रूप से कामकाज रोक दिया है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों की नौकरी और आम पर्यटकों की सुविधा भी खतरे में है।


होटल संचालकों का कहना है कि उनके पास केवल दो से तीन दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। अगर सप्लाई जल्दी से जल्दी सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें अपने व्यवसाय को पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है।
उधर, गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए कई घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध के कारण देश के कई हिस्सों में कमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मसूरी में भी यही असर स्पष्ट रूप से दिख रहा है।


होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब स्थानीय प्रशासन और गैस एजेंसियों से तत्काल समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो पर्यटन व्यवसाय को भारी नुकसान होगा।
फिलहाल मसूरी में गैस की किल्लत को लेकर होटल कारोबारियों और आम जनता में चिंता का माहौल बना हुआ है। सबकी नजर अब इस बात पर है कि कमर्शियल गैस की सप्लाई कब तक सामान्य होगी और पर्यटन नगरी में व्यवसाय फिर से पटरी पर लौट पाएगा।

