औली और गोरसों बुग्याल में इंजीनियरिंग छात्रों का नेचर टूर, एडवेंचर गतिविधियों का उठाया लुत्फ

औली और गोरसों बुग्याल में इंजीनियरिंग छात्रों का नेचर टूर, एडवेंचर गतिविधियों का उठाया लुत्फ

स्थान : औली

ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के प्रसिद्ध विंटर डेस्टिनेशन औली और गोरसों बुग्याल इन दिनों देशभर से आए इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों की चहल-पहल से गुलजार हैं। विभिन्न प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में अध्ययनरत करीब 150 से अधिक छात्र-छात्राएं यहां नेचर टूर और एडवेंचर गतिविधियों का आनंद लेने पहुंचे हैं।

छात्रों ने औली में GMVN की प्रसिद्ध चेयर लिफ्ट राइड का अनुभव लिया। इसके साथ ही गोरसों बुग्याल में फन स्कीइंग, डे हाइकिंग और विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।

इस टूर के समन्वयक अश्विन रमेश और राहुल पंच ने बताया कि “चल कबीरा” ऑर्गेनाइजेशन के तहत यह दल औली और गोरसों बुग्याल के भ्रमण पर आया है। इस दल में देश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के लगभग 160 छात्र शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि दो दिनों के दौरान छात्रों ने गोरसों डे हाइकिंग, कोठी फार्म नेचर वॉक, फन स्कीइंग और कई रोमांचक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिला।

इस पूरे दल के खानपान, आवास और एडवेंचर गतिविधियों की व्यवस्था का जिम्मा दिनेश भट्ट, जयदीप भट्ट, महेंद्र सिंह भुजवान और रविंद्र कंडारी संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह समूह हर वर्ष औली और गोरसों बुग्याल क्षेत्र में नेचर टूरिज्म और एडवेंचर गतिविधियों के लिए आता है।

उन्होंने बताया कि टीम को छात्रों के लिए होटल, भोजन, फन स्कीइंग, डे हाइकिंग, नेचर वॉक और अन्य गतिविधियों की पूरी व्यवस्था करनी पड़ती है, ताकि उन्हें एक बेहतर अनुभव मिल सके।

दल के 60 से अधिक प्रकृति प्रेमी युवाओं ने बर्ड वॉचिंग क्लब औली के नेचर एक्सपर्ट संजय कुंवर के नेतृत्व में औली-कोठी फार्म नेचर वॉक साइट पर प्रकृति दर्शन और पक्षी अवलोकन किया। इस दौरान छात्रों ने हिमालयी वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

बर्ड एक्सपर्ट संजय कुंवर ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों में प्रकृति को करीब से समझने की काफी उत्सुकता दिखाई दी। नेचर ट्रेल के दौरान कई दुर्लभ पक्षियों का अवलोकन भी किया गया।

उन्होंने बताया कि इस ट्रेल के दौरान उत्तराखंड के राज्य पक्षी हिमालयी मोनाल के अलावा ब्लैक एंड येलो ग्रॉस बीक, हिल पार्ट्रिज, हिमालयन वुडपेकर, मिशेल थ्रश, हिमालयन ब्लू टेल, वेरिगेटेड लाफिंग थ्रश, व्हाइट थ्रोटेड लाफिंग थ्रश, व्हिस्लर बब्बलर, दाढ़ी वाला गिद्ध, रेड बिल्ड ब्लू मैगपाई और स्मॉल नीलतवा जैसे पक्षी भी देखे गए।

इंजीनियरिंग छात्रों के इस बड़े दल के औली पहुंचने से पर्यटन गतिविधियों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। चेयर लिफ्ट से लेकर गोरसों बुग्याल और कोठी फार्म नेचर साइट तक पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ दिखाई दे रही है।

स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि छात्रों और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से औली क्षेत्र के छोटे-बड़े कारोबारियों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है, जिससे पर्यटन व्यवसाय को भी नया प्रोत्साहन मिल रहा है।