हरीश रावत के मौन व्रत पर भाजपा का तंज, सियासत गरमाई

हरीश रावत के मौन व्रत पर भाजपा का तंज, सियासत गरमाई

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोट

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने 25 फरवरी को गांधी पार्क, देहरादून में एक घंटे का मौन व्रत रखने की घोषणा की है। यह मौन व्रत गांवों, खत्तों और मलिन बस्तियों को राजस्व का दर्जा देने और मालिकाना हक के पूर्व निर्णयों के बावजूद बेदखली जैसे मुद्दों को लेकर रखा जाएगा।

हरीश रावत का कहना है कि सरकार को गरीब और लंबे समय से बसे लोगों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले लिए गए निर्णयों के बावजूद लोगों को बेदखल किया जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है।

इस घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और हरीश रावत पर तंज कसा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठतम नेता हैं और जब वरिष्ठ नेता की पार्टी में सुनवाई बंद हो जाती है तो वे मौन ही धारण करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जनता ने भी कांग्रेस पार्टी को मौन धारण करवा रखा है। भाजपा हरीश रावत के मौन का स्वागत करती है और इसे कांग्रेस की आंतरिक स्थिति का संकेत मानती है।

भाजपा के इस बयान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक टिप्पणी बताते हुए खारिज किया है। उनका कहना है कि मौन व्रत जनता के मुद्दों को उठाने का लोकतांत्रिक तरीका है।

अब 25 फरवरी को गांधी पार्क में होने वाले इस मौन व्रत कार्यक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। देखना होगा कि यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में क्या नया मोड़ लाता है।