
स्थान : बागेश्वर
ब्यूरो रिपोट

उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था और भूतपूर्व कर्मचारियों की पेंशन में हो रही कटौती को लेकर अब वरिष्ठ नागरिकों ने आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। इन्हीं ज्वलंत मुद्दों को लेकर बागेश्वर में जिला स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया।


यह गोष्ठी वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण न्यास के बैनर तले आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मीडिया से संवाद करते हुए बागेश्वर के प्रभावशाली उद्यमी दलीप सिंह खेतवाल और पूर्व शिक्षक एवं प्रधानाचार्य बाला दत्त तिवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और आमजन स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है।


वक्ताओं ने कहा कि कानून व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है, ताकि जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की।

गोष्ठी में पेंशन कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। वक्ताओं ने कहा कि जीवनभर सेवा देने वाले भूतपूर्व कर्मचारियों की पेंशन में कटौती कर बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।


उन्होंने सरकार से मांग की कि पेंशन में की जा रही कटौती पर पुनर्विचार किया जाए और बुजुर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान किसी भी समाज की पहचान होता है।

गोष्ठी के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पेंशन संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। वरिष्ठ नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी संगठित रूप से आवाज उठाई जाएगी।

