कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने रानीखेत तहसील का औचक निरीक्षण किया

कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने रानीखेत तहसील का औचक निरीक्षण किया

स्थान -रानीखेत

रिपोटर -संजय जोशी

रानीखेत। कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने आज रानीखेत तहसील एवं उप निबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालय में रखे पुराने अभिलेखों की स्थिति और उनके संरक्षण की समीक्षा करना था।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने तहसील कार्यालय में रखे अभिलेखों की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से संरक्षित हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों की नियमित समीक्षा और अपडेटिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

तहसील न्यायालय में दायर वादों की विस्तृत समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कई प्रकरणों के लंबे समय से लंबित पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरण न केवल न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालते हैं बल्कि आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित करते हैं।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया 45 से 60 दिवस के भीतर पूर्ण होनी चाहिए। इससे न केवल न्याय प्रक्रिया तेज होगी बल्कि जनता को समय पर समाधान भी मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान एक प्रकरण में फाइल पर अनावश्यक आपत्तियाँ लगाए जाने की जानकारी मिली। इस पर आयुक्त ने गंभीरता व्यक्त की और संबंधित नायब तहसीलदार को “कारण बताओ नोटिस” जारी करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने यह भी कहा कि कार्यालय में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

कुमाऊँ आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित कर्मचारियों को आदेशित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने और जनता के साथ व्यवहार में तत्परता बनाए रखने की हिदायत भी दी। उन्होंने भरोसा जताया कि उचित कदमों से तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली और न्यायिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।