
स्थान -चमोली

रिपोट -ब्यूरो रिपोट

चमोली। जनपद चमोली में आज बुधवार को बहु-विभागीय संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, ताकि वनाग्नि जैसी आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं का अभ्यास करना और स्थानीय समुदाय को जागरूक करना था।

जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों के क्रम में यह अभ्यास प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दुबे के नेतृत्व में आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान संभावित अग्नि घटनाओं से निपटने, विभागीय समन्वय मजबूत करने और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।


बद्रीनाथ वन प्रभाग में चमोली तहसील के समीप आरक्षित वन क्षेत्र में मॉक ड्रिल संपन्न हुई। पुलिस फील्ड को स्टेजिंग एरिया बनाया गया और प्रातः 11:00 बजे सभी टीमें घटनास्थल की ओर रवाना हुईं। निर्धारित परिदृश्य अनुसार आग लगने की सूचना मिलने पर सभी संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया और त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की गई।

ड्रिल के दौरान सूचना तंत्र की सक्रियता, फायर लाइन निर्माण, अग्निशमन उपकरणों का उपयोग, घायलों की सुरक्षित निकासी और विभिन्न विभागों के मध्य कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली का समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस अभ्यास में वन विभाग बद्रीनाथ वन प्रभाग, पुलिस विभाग चमोली, एसडीआरएफ, फायर सर्विस चमोली, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान, महिला एवं नवयुवक मंगल दल, वन पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम प्रधान सहित स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।


इसी क्रम में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग और अलकनंदा सिविल सोयम वन प्रभाग द्वारा भी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें विभागीय तालमेल, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और त्वरित प्रतिक्रिया की प्रदर्शनी की गई, जिसमें पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान और स्थानीय महिला मंगल दल की टीमों ने सहयोग किया।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह को वन संरक्षण, आग से बचाव के उपायों और समय पर सूचना देने के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की सफलता ने यह प्रमाणित किया कि जनपद चमोली में वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों से निपटने हेतु सभी विभाग सजग, समन्वित और पूरी तरह तैयार हैं।

