रुड़की में सीएम धामी के दौरे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, यूटीयू पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

रुड़की में सीएम धामी के दौरे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, यूटीयू पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के बीटेक प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें कांग्रेस सेवादल कार्यालय पर ही रोक दिया और कई कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया।

मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ता यूटीयू में बीटेक थर्ड ईयर के दो प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर ज्ञापन देने के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यालय से बाहर निकलने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग उठाई।

कांग्रेस सेवादल महानगर अध्यक्ष रणवीर नागर ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है और उत्तराखंड सरकार को भी इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशीष सैनी ने कहा कि उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में बीटेक की दो परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी और परीक्षाएं रद्द करना जरूरी कदम हैं, लेकिन केवल कार्रवाई का दावा करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को इस प्रकरण में नैतिक जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए।

कांग्रेस नेता सुधीर शांडिल्य ने कहा कि मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उनके इस्तीफे पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों से मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक जाने से रोका। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाने की बात कही गई। मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।