हरिद्वार में संत समाज ने उठाई गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

हरिद्वार में संत समाज ने उठाई गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

देशभर में चल रही मांग के तहत हरिद्वार में भी संत समाज ने गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने और गौहत्या पर कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। बड़ी संख्या में संत जिला मुख्यालय पहुंचे और एडीएम जितेंद्र कुमार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे संतों ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए और गौहत्या पर सख्त से सख्त कानून बनाया जाए, ताकि गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

संत समाज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर इस बार भी गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। संतों ने कहा कि गौ संरक्षण के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।

इस दौरान संतों ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी का भी विषय है।

वहीं एडीएम जितेंद्र कुमार ने संत समाज से ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि संतों की मांगों से संबंधित ज्ञापन को नियमानुसार शीघ्र ही महामहिम राष्ट्रपति के समक्ष भेज दिया जाएगा।

ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान संत समाज ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों का समाधान होने से गौ संरक्षण को मजबूती मिलेगी और समाज में भी इसका सकारात्मक संदेश जाएगा।