विकासनगर में खाटू श्याम धाम: आस्था के साथ रोजगार की नई उम्मीद

विकासनगर में खाटू श्याम धाम: आस्था के साथ रोजगार की नई उम्मीद

स्थान -विकासनगर

ब्यूरो रिपोट

विकासनगर। नवनिर्मित श्री खाटू श्याम धाम अब केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगा। दिल्ली–यमुनोत्री चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थापित यह धाम क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व को नई पहचान देने जा रहा है।

देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास माना जाता है। इसी आस्था की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली–यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर भव्य श्री खाटू श्याम धाम की स्थापना की गई है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पहुंचने के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत खोल दिए गए।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा और क्षेत्र के विकास को भी गति देगा।

प्रदेश में पहले से ही केदारनाथ मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर, गंगोत्री मंदिर, यमुनोत्री मंदिर और महासू देवता मंदिर जैसे प्रमुख धाम मौजूद हैं। इसके अलावा ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल भी श्रद्धालुओं के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में खाटू श्याम धाम का जुड़ना धार्मिक पर्यटन की कड़ी को और मजबूत करेगा।

दिल्ली–यमुनोत्री मार्ग पर विकासनगर क्षेत्र के कालसी, हरिपुर और बाढ़वाला का ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व रहा है। सरकार हरिपुर में मां यमुना, टौंस और अमलावा नदी के तट पर घाट निर्माण कार्य भी करा रही है, जिससे तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

हरबर्टपुर में बने इस भव्य मंदिर के निर्माण के लिए स्थानीय निवासी सुधीर महावर ने भूमि दान दी और निर्माण में सहयोग भी किया। श्रद्धालुओं में इस धाम को लेकर उत्साह और गर्व की भावना देखने को मिल रही है।

श्याम बाबा के धाम के कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोग गाइड सेवा, प्रसाद व पूजन सामग्री की दुकानें, पार्किंग और अन्य सुविधाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर तलाशने लगे हैं। आस्था और विकास का यह संगम विकासनगर के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता नजर आ रहा है।