
स्थान : लालकुआँ
ब्यूरो रिपोर्ट

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर बिंदुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति आगामी 18 फरवरी को लालकुआँ चलों अभियान के तहत रैली निकालकर विशाल धरना प्रदर्शन करेगी।


रैली तहसील कार्यालय पहुँचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी।

समिति के पदाधिकारियों ने आज काररोड स्थित निजी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए गाँव-गाँव और घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

रैली में 20 से 40 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।


समिति के अध्यक्ष कुंदन मेहता ने कहा कि बिंदुखत्ता उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव है और यहाँ लगभग 70 हजार की आबादी वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रही है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार घोषणा के बाद भी बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने में देरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि रैली शहीद स्मारक से शुरू होकर तहसील कार्यालय तक जाएगी। रैली में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे।

कुंदन मेहता ने कहा कि जब तक बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिलता, आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
समिति ने जनता से अपील की है कि रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें और सरकार को दबाव में लाएँ।

