हल्द्वानी में EVCL क्रिकेट लीग का उद्घाटन मैच स्थगित, दर्शकों में आक्रोश

हल्द्वानी में EVCL क्रिकेट लीग का उद्घाटन मैच स्थगित, दर्शकों में आक्रोश

स्थान – हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखण्ड के हल्द्वानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, गौलापार में आज से शुरू हो रही एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग (EVCL) के पहले ही दिन प्रतियोगिता स्थगित होने से दर्शकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उद्घाटन मैच स्थगित होने की सूचना मिलते ही स्टेडियम में पहुंचे दर्शक भड़क उठे और देर शाम तक हंगामा होता रहा।

EVCL क्रिकेट लीग के तहत आज पहला मुकाबला उत्तराखण्ड सोल्जर्स और दिल्ली नाइट्स के बीच खेला जाना था। इसके लिए स्टेडियम में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और बड़ी संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचे थे। हालांकि, ऐन वक्त पर मैच स्थगित होने की घोषणा कर दी गई।

आयोजकों की ओर से बताया गया कि प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर लोक गायक राकेश खनवाल, कैलाश कुमार, रागनी ग्रुप, हर्षिता कोहली और अंकित कुमार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित थीं, लेकिन मैच स्थगित होने के कारण ये कार्यक्रम भी नहीं हो सके।

आयोजक विकास ढाका ने बताया कि दिल्ली निवासी उनके बड़े पार्टनर प्रमोद सिंह का आज दिल्ली से हल्द्वानी आते समय हृदयगति रुकने से निधन हो गया। इस दुखद घटना के चलते शोक स्वरूप मैच को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब यह मैच मंगलवार या बुधवार को खेला जाएगा।

विकास ढाका ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन दर्शकों ने टिकट खरीदे हैं, उनके टिकट अगले मैच में एडजस्ट किए जाएंगे। प्रतियोगिता में मसूरी किंग्स, यूपी वारियर्स, हल्द्वानी टाइगर्स, दिल्ली नाइट्स, उत्तराखण्ड सोल्जर्स और वाराणसी वाइपर्स के बीच मुकाबले होने हैं।

वहीं, स्टेडियम के मुख्य गेट पर दर्शकों का गुस्सा फूट पड़ा। गेट पर एंट्री से रोके गए दर्शक शरद अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने ₹7500 के पांच टिकट खरीदे थे और मैच देखने पहुंचे थे, लेकिन न तो मैच हुआ और न ही टिकट के पैसे वापस किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोजकों ने शाम करीब 5:40 बजे टिकट बेचे थे।

शरद अग्रवाल ने कहा कि उन्हें अगले दिन शहर से बाहर जाना है, ऐसे में वे न तो अगला मैच देख पाएंगे और न ही उन्हें टिकट के पैसे लौटाए जा रहे हैं। इसको लेकर दर्शकों और आयोजकों के बीच काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा, जिससे आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।