
स्थान – दिल्ली

रिपोर्टर- गोविन्द रावत

दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर बुधवार को पूर्वांचल–पश्चिमांचल–बुंदेलखंड संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर उत्तर प्रदेश को तीन हिस्सों में विभाजित कर नए राज्य गठित करने की मांग को लेकर सत्याग्रह आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा।


प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने अपने खून से हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन भेजा और नया राज्य पुनर्गठन आयोग गठित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से विशाल राज्यों के कारण क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ा है और विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है।

इस मौके पर उत्तराखंड के पूर्व मंत्री एवं फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट के प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि बड़े राज्यों की वजह से शासन-प्रशासन आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों का गठन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे संतुलित विकास और बेहतर प्रशासन संभव हो सके।
धीरेंद्र प्रताप ने केंद्र सरकार से वर्ष 2012 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा संसद को भेजे गए उस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की, जिसमें उत्तर प्रदेश को तीन भागों में विभाजित करने की जरूरत बताई गई थी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव आज भी प्रासंगिक है।

धरने को संबोधित करते हुए बुंदेलखंड के नेता प्रवीण पांडे, संयोजक अनिल रवि, पश्चिमांचल के नेता कर्नल सुधीर कुमार और सुनील यादव, पूर्वांचल के नेता अनुज राही तथा नव राज्य निर्माण महासंघ के बाबा आर.के. देव तोमर ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया तो असहयोग आंदोलन शुरू किया जाएगा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश निर्माण मोर्चा के नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यदि एक माह के भीतर केंद्र सरकार ने कोई ठोस पहल नहीं की, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में एक दिवसीय रेल रोको आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरने में उत्तर प्रदेश के झांसी, मेरठ, ललितपुर, लखनऊ, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, गोंडा, सहारनपुर, गाजियाबाद सहित कई जिलों से आए लोग शामिल हुए। वहीं आंध्र प्रदेश से पहुंचे रामा राव ने विशाखापट्टनम उत्तरांचल नाम से नया राज्य बनाने और उसकी राजधानी विशाखापट्टनम करने की मांग का ज्ञापन सौंपा।
धीरेंद्र प्रताप ने जानकारी दी कि आगामी 14 तारीख को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें छोटे राज्यों के गठन, सत्ता के पुनर्गठन और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

