
स्थान – पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में श्रीनगर तहसील सभागार में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस के दौरान आमजन की समस्याएं सुनी गईं, जिसमें कुल 10 शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।


तहसील दिवस में फरियादियों ने पेयजल संकट, भू-धंसाव से संबंधित मुआवजा, सड़क व नाली निर्माण, स्वच्छता व्यवस्था सहित विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखते हुए चालानी कार्रवाई करने को कहा गया।


पेयजल संकट को लेकर नकोट और सेमला गांव की समस्याओं पर जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इसके अलावा टीचर्स कॉलोनी में भू-धंसाव से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने के मामलों को भी प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

सड़क संबंधी शिकायतों पर डीएम ने देहलचौरी रोड की मरम्मत कार्य में तेजी लाने तथा धारी देवी मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था बाधित होने से आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

तहसील दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

