हरिद्वार में लाइसेंसी हथियारों पर प्रशासन का सख्त रुख, जिले में लागू हुई जीरो टॉलरेंस नीति

हरिद्वार में लाइसेंसी हथियारों पर प्रशासन का सख्त रुख, जिले में लागू हुई जीरो टॉलरेंस नीति

स्थान – हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लाइसेंसी हथियार अब शौक, दबदबे या प्रदर्शन का साधन नहीं बन सकते। प्रशासन ने दोहराया कि हथियार केवल उसी उद्देश्य के लिए रखे जाएं, जिसके लिए लाइसेंस जारी हुआ है, यानी केवल आत्मरक्षा के लिए।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल अपराध, डर फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने में किया गया, तो संबंधित व्यक्ति का लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

जिले में इस समय हथियारों के सत्यापन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, दो से अधिक हथियार रखने वालों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने बताया कि अधिकांश मामलों में लोग स्वयं हथियारों का लाइसेंस सरेंडर कर चुके हैं।

हालांकि कुछ मामले अभी भी लंबित हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी और नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य होगा।

अधिकारियों का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। लाइसेंसी हथियारों की अनियमितता और दुरुपयोग रोकने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी के पास अतिरिक्त हथियार हैं या नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।

इस अभियान से साफ संदेश गया है कि हरिद्वार में अब लाइसेंसी हथियारों के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी गई है और कोई भी व्यक्ति कानून के दायरे से बाहर नहीं रहेगा।