
स्थान – हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

रोड सेफ्टी माह के मौके पर हरिद्वार में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के प्रति प्रशासन ने सख़्ती और जागरूकता दोनों पर जोर दिया है। परिवहन विभाग और आबकारी विभाग ने मिलकर जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें सभी शराब के ठेकों पर “डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव” के चेतावनी बैनर लगाए गए हैं।


इस मुहिम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर जानलेवा भी साबित हो सकता है।


संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना या छह महीने की सजा हो सकती है। वहीं दोबारा अपराध करने पर जुर्माना बढ़कर 15 हजार रुपये और दो साल तक की जेल का प्रावधान है।

अधिकारियों ने साफ कहा कि यह अभियान केवल जुर्माना भरने के लिए नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने का भी है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि शराब पीकर वाहन चलाने से बचें और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
शराब के ठेकों पर लगाए गए बैनर में जागरूक संदेशों के माध्यम से लोगों को चेताया जा रहा है कि सड़क पर किसी भी प्रकार की लापरवाही जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
परिवहन विभाग का यह अभियान पूरे जिले में लागू किया गया है और अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने अंत में कहा, “सड़क पर आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है। शराब पीकर वाहन न चलाएं और अपने साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।”

