पहाड़ी आर्मी की बैठक में प्रदेश और नगर नेतृत्व का विस्तार, संस्कृति और संसाधनों की सुरक्षा पर जोर

पहाड़ी आर्मी की बैठक में प्रदेश और नगर नेतृत्व का विस्तार, संस्कृति और संसाधनों की सुरक्षा पर जोर

स्थान – नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

आज पहाड़ी आर्मी के नैनीताल रोड स्थित कार्यालय में जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पहाड़ी अस्मिता, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के विषय पर व्यापक चर्चा हुई। विभिन्न वक्ताओं ने अपनी ओर से विचार रखकर संगठन की दिशा तय करने में योगदान दिया।

बैठक के दौरान पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने संगठन से लंबे समय से जुड़े हेमचंद्र भट्ट बर्फानी बाबा को प्रदेश प्रचार मंत्री और प्रदीप रौतेला को हल्द्वानी नगर उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डेमोग्राफी लगातार बदल रही है, जिसके मद्देनजर पहाड़ के लोगों के एकजुट होने की आवश्यकता है।

मानोनयन के समय बर्फानी बाबा ने संपूर्ण उत्तराखंड को एकजुट करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी हाल में देवभूमि के स्वरूप को बदलने नहीं देगा और पहाड़ी संस्कृति, बोली और परंपराओं को सुरक्षित रखने का काम करेगा।

जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल और प्रेमा मेड़ ने कहा कि पहाड़ी संस्कृति की सुरक्षा के लिए संगठन में लगातार बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ को एकजुट करने के लिए अपनी संस्कृति और भाषा का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बैठक में नगर अध्यक्ष कविता जीना, गीता बिष्ट, हरेंद्र राणा, गीता चंदोला, दीपा बोरा, मोहन बोरा, बसंत बिष्ट, संजय आर्य, विनोद नेगी सहित कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

सदस्यों ने मिलकर पहाड़ी संस्कृति और संसाधनों के संरक्षण के लिए आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। उन्होंने युवाओं को संगठन से जोड़ने और स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

इस बैठक के माध्यम से पहाड़ी आर्मी ने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन न केवल उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को बचाने का काम करेगा, बल्कि प्रदेश के लोगों को एकजुट कर उनकी आवाज़ को मजबूत बनाएगा।