हरिद्वार: पतंजलि योगपीठ में 77वां गणतंत्र दिवस उत्सव

हरिद्वार: पतंजलि योगपीठ में 77वां गणतंत्र दिवस उत्सव

स्थान – हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में देशभक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने समारोह के दौरान तिरंगा फहराया और उपस्थित देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। पतंजलि परिसर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।

अपने संबोधन में स्वामी रामदेव ने स्वदेशी शिक्षा और सनातन जीवन पद्धति पर जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए इन्हें अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जब तक भारत अपनी जड़ों से जुड़कर आगे नहीं बढ़ेगा, तब तक संपूर्ण विकास संभव नहीं है।

स्वामी रामदेव ने विश्व के मौजूदा हालातों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया ‘टैरिफ टेररिज्म’ और विभिन्न प्रकार के उन्मादों से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत को संगठित, स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे आना होगा।

उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। आर्थिक आज़ादी का सपना साझा करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि वह दिन आना चाहिए जब 1 भारतीय रुपया 100 डॉलर के बराबर हो।

स्वामी रामदेव ने 140 करोड़ देशवासियों से ‘अखंड प्रचंड पुरुषार्थ’ करने का आह्वान किया और मैकाले की शिक्षा पद्धति व बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बहिष्कार की अपील की।

सीमा पार से भारत विरोधी ताकतों की सक्रियता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक विभिन्न तत्व भारत विरोधी गतिविधियों में लगे हैं, जिनका जवाब देश को एकजुट होकर देना होगा।

उन्होंने जाति, भाषा और प्रांत के नाम पर फैलाए जा रहे भेदभाव को समाप्त करने की भी बात कही। समारोह में योगाभ्यास, हवन-पूजन और संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें साधु-संतों, छात्रों और पतंजलि के कर्मचारियों ने भाग लिया।

पतंजलि योगपीठ के इस गणतंत्र दिवस समारोह ने उपस्थित सभी को देशभक्ति और स्वदेशी चेतना के महत्व का संदेश दिया।