

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

रानीखेत में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु ने वर्ष 2000 से 2026 तक क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में सभी प्रमुख विभागों की प्रस्तुति पीपीटी के माध्यम से की गई, जिसमें उपलब्धियों और लंबित कार्यों की समीक्षा की गई।


लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें केवल संपर्क मार्ग नहीं बल्कि जीवन रेखा हैं, इसलिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।


वन विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने विकास कार्यों के लिए आवश्यक अनुमतियों में अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष, वन संरक्षण और फॉरेस्ट कवर की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिससे संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।


शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर विशेष बल दिया, वहीं स्वास्थ्य विभाग को जनसंतोष आकलन के लिए प्रभावी फीडबैक प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक अस्पताल में शिकायत निवारण हेतु सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

पर्यटन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने “हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम” पर्यटन मॉडल अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वन और पर्यटन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सकता है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक संभावनाएं मजबूत होंगी।

बैठक में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया और अधिकारियों से सुझाव भी लिए गए।


बैठक के अंत में प्रमुख सचिव ने रानीखेत में पर्यटन की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए वेलनेस और नेचुरोपैथी जैसे नए क्षेत्रों को विकसित करने पर बल दिया। बैठक के पश्चात उन्होंने स्थानीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनके सुझाव प्राप्त किए।


