मसूरी में फुटबॉल का क्रेज, 400 से अधिक बच्चों ने दिखाया हुनर, खेल मैदान की मांग फिर उठी

मसूरी में फुटबॉल का क्रेज, 400 से अधिक बच्चों ने दिखाया हुनर, खेल मैदान की मांग फिर उठी

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

पर्यटन नगरी मसूरी में फुटबॉल का जुनून लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर पूरी दुनिया फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स का रोमांच देख रही है, वहीं मसूरी के सर्वे मैदान में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता ने स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया।

इस प्रतियोगिता में 10 वर्ष से लेकर 17 वर्ष तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 400 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल प्रेमियों का कहना है कि अब बच्चे केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेलों में भी अपना भविष्य तलाश रहे हैं।

मसूरी के खेल प्रेमी लंबे समय से एक उचित खेल मैदान की मांग करते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन आज तक स्थायी खेल मैदान को लेकर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पाई है, जिससे खिलाड़ियों में निराशा भी देखने को मिलती है।

सूत्रों के अनुसार भिलांगु क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण की योजना वर्षों से लंबित है, लेकिन पिछले 10 से 15 वर्षों में भी इसका कार्य पूरा नहीं हो सका है। इससे खेल गतिविधियों को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल पाया है।

इसके बावजूद स्थानीय बच्चे कठिन परिस्थितियों में भी अपने खेल कौशल को निखारने में लगे हुए हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करने का प्रयास कर रहे हैं।

खेल प्रशिक्षक मनवीर ने बताया कि उनके द्वारा लंबे समय से बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में 400 से 500 बच्चों ने भाग लिया, जो क्षेत्र में खेल के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

मनवीर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं कि मसूरी में खेल मैदान का निर्माण होगा, लेकिन ये घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। उन्होंने कहा कि यदि बेहतर सुविधाएं मिलें तो यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय रेफरी सैमुअल चंद्र ने कहा कि अब अभिभावक भी बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है। उन्होंने इस आयोजन को एक सार्थक पहल बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि मसूरी में आधुनिक खेल मैदान विकसित किया जाए तो यहां की युवा पीढ़ी खेलों में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है और राज्य एवं देश का नाम रोशन कर सकती है।