
स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। गृह मंत्रालय ने 131 नामों की सूची जारी की है, जिसमें कोश्यारी का नाम सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के लिए शामिल किया गया है।


उत्तराखंड की राजनीति में ‘भगत दा’ के नाम से मशहूर कोश्यारी जनहित और संगठन कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं। उनका जन्म जनपद बागेश्वर के कपकोट विकासखंड के दूरस्थ गांव नामती चेताबगड़ (पालनीधुरा) में हुआ।


राज्य गठन के बाद उन्होंने उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद अंतरिम सरकार में वे मुख्यमंत्री भी बने। 2002 और 2007 में कपकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।


कोश्यारी 2002 के बाद नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी रहे और उधमसिंहनगर लोकसभा सीट से सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय रहे। उनके संगठन कौशल और कार्यकर्ताओं पर पकड़ की हमेशा सराहना की जाती रही है।
सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उनके योगदान को देखते हुए पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया। इस सम्मान को उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भगत दा की सादगी, दूरदर्शिता और संगठन में दक्षता ने उत्तराखंड की राजनीति में उन्हें एक विशिष्ट पहचान दी है।

इस सम्मान के बाद राज्य और पार्टी के अनेक नेताओं ने उन्हें बधाई दी और उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया।
उत्तराखंड के नागरिकों ने भी उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर खुशी जताई और कहा कि यह राज्य की राजनीति और समाज सेवा में किए गए योगदान को मान्यता देने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

