

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

लक्सर में कमर्शियल गैस के लगातार बढ़ते दामों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। यहां के ज्यादातर होटल और ढाबे या तो बंद हो चुके हैं या फिर भारी घाटे में किसी तरह अपना कारोबार चला रहे हैं।


स्थानीय ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस की अनियमित सप्लाई और लगातार बढ़ती कीमतों ने उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। खर्च बढ़ने के कारण कारोबार चलाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है।


स्थिति यह है कि जो ढाबे अभी खुले हैं, वहां खाने-पीने की चीजों के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है, जिससे ग्राहक भी कम होते जा रहे हैं।


पहले जहां 100 से 150 रुपये में भरपेट खाना मिल जाता था, वहीं अब उसी खाने के लिए लोगों को 200 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहकों ने ढाबों से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

ढाबा कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे उनकी आमदनी लगातार घट रही है। कई संचालक ऐसे भी हैं जो रोजाना नुकसान उठाकर दुकान चलाने को मजबूर हैं।

व्यापारियों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही गैस की कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ और सप्लाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो उन्हें अपने ढाबे बंद करने पड़ सकते हैं।


महंगाई और घटते ग्राहकों के बीच लक्सर के होटल और ढाबा कारोबारी दोहरी मार झेल रहे हैं। अब निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि इस संकट से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


