

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर संजय जोशी

अल्मोड़ा: सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक ऐपण कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। कार्यशाला में दूसरे दिन प्रतिभागियों ने विभिन्न ऐपण चौकियों के साथ-साथ रंगवाली पिछोड़ा बनाने का प्रारंभिक अभ्यास भी किया।


कार्यक्रम का आयोजन मिशन इंटर कॉलेज में किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन का उद्देश्य कुमाऊं की पारंपरिक लोक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।


कार्यशाला में प्रशिक्षिका ज्योति साह ने प्रतिभागियों को कुमाऊं की समृद्ध और आध्यात्मिक लोक कला ऐपण की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न पारंपरिक चौकियों को बनाने की विधि विस्तार से समझाई।


प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने गेरू मिट्टी और बिस्वार का उपयोग करते हुए विभिन्न ऐपण डिजाइनों का प्रयोगात्मक निर्माण किया। इस दौरान बच्चों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कार्यशाला में कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिनमें सिटी मांटेसरी स्कूल, बीरशिवा स्कूल, नेशनल इंटर कॉलेज, सरस्वती उमावि, छावनी इंटर कॉलेज और राइका मजखाली शामिल रहे।


समापन अवसर पर विमल सती ने सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति के गौरव भट्ट, विनीता खाती, हरीश लाल साह, दीपक पंत, परमवीर माहरा और सोनू सिद्दीकी सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोक कला और संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।


