

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

चमोली जिला में स्थित उच्च हिमालयी आस्था स्थल हेमकुंड साहिब की आगामी यात्रा को लेकर प्रशासन और संबंधित समितियों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष 23 मई को धाम के कपाट खोले जाएंगे।


यात्रा से पहले घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना किसी भी अश्व का पंजीकरण यात्रा मार्ग पर नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि सभी संचालकों को नियमों का पालन करना होगा।


प्रवेंद्र चौहान ने बताया कि घोड़ा-खच्चर संचालकों को यात्रा शुरू होने से पहले अपने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा कराना जरूरी है। बिना इन दोनों प्रमाण पत्रों के यात्रा रूट पर पंजीकरण संभव नहीं होगा।


उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की गाइडलाइंस के अनुसार पूरे यात्रा मार्ग पर पशु क्रूरता पर सख्त नजर रखी जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड वन विभाग और जिला प्रशासन चमोली द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुचारु यात्रा अनुभव मिल सके।

इको विकास समिति भ्यूंडार घाटी की ओर से पुलना क्षेत्र के अश्व स्वामियों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपने घोड़ा-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा करा लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।


पुलना गांव में पशु चिकित्सालय द्वारा विशेष स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगाया गया है, वहीं बजाज इंश्योरेंस कंपनी द्वारा भी इस सीजन के लिए बीमा प्रक्रिया जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और बीमा के किसी भी घोड़ा-खच्चर को लोकपाल-हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पशु सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया जा सकेगा।

