कालसी अशोक शिलालेख पर उमड़ा आस्था का सैलाब

कालसी अशोक शिलालेख पर उमड़ा आस्था का सैलाब

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

अशोक शिलालेख कालसी में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही सैनी समाज और बौद्ध अनुयायी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे और श्रद्धा के साथ शिलालेख की परिक्रमा कर विश्व शांति की कामना की।

श्रद्धालुओं ने “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष के साथ पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का संदेश गूंजता रहा। लोगों ने भगवान गौतम बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प भी लिया।

कालसी स्थित यह ऐतिहासिक स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक महत्व के कारण भी खास माना जाता है। यहां मौजूद सम्राट अशोक के शिलालेख को देखने और उसकी परिक्रमा करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे।

वहीं विकासनगर में भी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। हैरिटेज डी.एस. वेडिंग पॉइंट में बौद्ध उत्सव मेला समिति कालसी द्वारा “बैसाखी बुद्ध पूर्णिमा समारोह” आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सतपाल महाराज पहुंचे। उन्होंने भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और शांति व सद्भाव का संदेश दिया।

इस मौके पर खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, श्यामवीर सिंह सैनी और धर्मवीर सैनी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और भाईचारे के संदेश को जीवन में उतारने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान सतपाल महाराज ने कालसी के अशोक शिलालेख को बौद्ध सर्किट से जोड़ने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इससे थाईलैंड और जापान जैसे देशों से श्रद्धालु यहां आएंगे, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।