
स्थान – टिहरी गढ़वाल
ब्यूरो रिपोर्ट

देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के हिसरियाखाल और अकरी पट्टी क्षेत्रों में लंबे समय से पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊ के साथ नारेबाजी करते हुए कीर्तिनगर तहसील का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पेयजल योजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन और गांवों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।


करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद, तहसील प्रशासन और जल निगम के अधिकारियों द्वारा आश्वासन मिलने पर ग्रामीण अपने गांव लौटे।


पेयजल संघर्ष समिति हिसरियाखाल के अध्यक्ष पितांबर दत्त बलूनी ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है और तीन सूत्रीय मांगों के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महिपाल बुटोला ने बताया कि लक्ष्मोली-हड़ीम की धार पेयजल योजना से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है और योजना का पुनर्गठन मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। तहसील प्रशासन की मध्यस्थता में जल निगम ने पाँच फरवरी तक लक्ष्मोली-हड़ीम की धार पेयजल योजना को पूर्ण रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांतिपूर्वक लौटे।
नायब तहसीलदार प्रदीप कंडारी ने बताया कि हिसरियाखाल और लक्ष्मोली क्षेत्र के ग्रामीणों की मांगों को सुनकर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ वार्ता कराई गई है और जल निगम द्वारा योजना को निर्धारित समय तक पूर्ण रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया गया है।
इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों में फिलहाल संतोष है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब जल निगम की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


