
स्थान – पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

पौड़ी के जितेंद्र कुमार आत्महत्या प्रकरण में घटना के करीब पांच माह बाद भी कोर्ट में चार्जशीट पेश न होने पर परिजनों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक न्याय की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है, जिससे वे बेहद आहत और नाराज हैं।


परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दिया गया वकील भी भाजपा से जुड़ा हुआ है और मामले के मुख्य आरोपी हिमांशु चमोली भाजपा नेता हैं, जिनके पारिवारिक संबंध भी प्रभावशाली बताए जा रहे हैं। इसी वजह से इस पूरे मामले में दोषी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

गौरतलब है कि कुछ माह पहले पौड़ी निवासी जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने अपनी आत्महत्या के लिए भाजपा नेता हिमांशु चमोली को जिम्मेदार ठहराया था।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने हिमांशु चमोली को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई।
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि पुलिस द्वारा अभी तक इस प्रकरण की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसे लेकर जितेंद्र के परिजन पुलिस, शासन और यहां तक कि मुख्यमंत्री तक पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
इस मुद्दे पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जितेंद्र के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया था, लेकिन पांच माह बाद भी चार्जशीट दाखिल न होना सरकार के असली चेहरे को जनता के सामने उजागर करता है।


परिजनों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते मामले को कमजोर किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले पर पुलिस क्षेत्राधिकारी तुसार बोरा ने सफाई देते हुए कहा कि जितेंद्र आत्महत्या प्रकरण की गहन जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

