
स्थान – मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मसूरी नगर पालिका सभागार में आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब कुछ पटरी कारोबारियों ने प्रशासन पर भेदभाव और आपसी फूट डालने के गंभीर आरोप लगाए। आक्रोशित कारोबारियों ने बैठक के दौरान कमेटी को भंग करने की मांग भी रख दी।


नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पात्र पटरी कारोबारियों की पहचान और उनके व्यवस्थित पुनर्वास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सभी निर्णय नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ लिए जा रहे हैं।

इस दौरान अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने साफ किया कि मॉल रोड को पूरी तरह वेंडर जोन फ्री घोषित किया जा चुका है और यहां किसी भी सूरत में पटरी लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा अन्य स्थानों पर वेंडर जोन विकसित किए जा रहे हैं, जहां पटरी कारोबारियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में मौजूद एसडीएम राहुल आनंद ने चेतावनी देते हुए कहा कि मॉल रोड पर यदि कोई भी पटरी लगाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का उद्देश्य पात्र पटरी कारोबारियों का स्थायी पुनर्वास करना है। उन्होंने दो टूक कहा कि राजनीतिक दबाव में आकर नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


हंगामे के बीच प्रशासन ने कारोबारियों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। हालांकि बैठक के दौरान तनाव का माहौल बना रहा।
फिलहाल पटरी कारोबारियों और प्रशासन के बीच यह मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और विरोध प्रदर्शन होने की संभावना जताई जा रही है।

