लोहाघाट के छमनिया चौड़ स्पोर्ट्स स्टेडियम के अधूरे कार्य पूरे होने की जगी उम्मीद

लोहाघाट के छमनिया चौड़ स्पोर्ट्स स्टेडियम के अधूरे कार्य पूरे होने की जगी उम्मीद

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

छमनिया चौड़ में पिछले 12 वर्षों से अधूरे पड़े स्पोर्ट्स स्टेडियम के कार्य के पूर्ण होने की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं। लंबे समय से स्टेडियम की सुरक्षा दीवार और दर्शक दीर्घा का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि सिंथेटिक ट्रैक सहित अन्य कई कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं। सुरक्षा दीवार का निर्माण न होने के कारण स्टेडियम की संरचना और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे थे।

अपने दो दिवसीय चंपावत दौरे के दौरान लोहाघाट पहुंची प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्य ने शनिवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेलो इंडिया के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और खुद भी खिलाड़ियों के साथ स्टेडियम में दौड़ लगाई। खेल मंत्री की इस पहल से खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

निरीक्षण के दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य ने साफ तौर पर कहा कि कार्यदाई संस्था की लापरवाही के चलते स्टेडियम का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि पूर्व की कार्यदाई संस्था को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और अब नई संस्था के माध्यम से स्टेडियम की सुरक्षा दीवार और दर्शक दीर्घा का निर्माण कराया जाएगा।

खेल मंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस स्टेडियम को अब महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के अधीन कर दिया गया है, जिससे इसके संचालन और रखरखाव में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

रेखा आर्य ने कहा कि स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि भविष्य में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव हो सके। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

खेल मंत्री के संज्ञान लेने के बाद अब यह उम्मीद जगी है कि बीते 12 वर्षों से अधूरे पड़े स्टेडियम के शेष कार्य जल्द पूरे होंगे। उल्लेखनीय है कि यह स्टेडियम पूर्व में कई बार भ्रष्टाचार के आरोपों की भी भेंट चढ़ चुका है। स्टेडियम का शिलान्यास कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल द्वारा किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी इसका निर्माण अधूरा रहना क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था।