

स्थान – अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट


अल्मोड़ा स्थित भाकृअनुप विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान वर्ष 2025 में अनुसंधान, बीज उत्पादन और विस्तार गतिविधियों के क्षेत्र में अत्यंत सक्रिय रहा। इस संबंध में 31 दिसंबर को संस्थान परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने वर्ष भर की प्रमुख उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी।



निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान सात नई फसल प्रजातियां जारी की गईं या उन्हें घोषणा की प्रक्रिया में शामिल किया गया। इससे पर्वतीय कृषि को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



बीज उत्पादन के क्षेत्र में संस्थान ने 13 फसलों की 38 किस्मों का कुल 140.04 कुंतल प्रजनक बीज तैयार किया, जो किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा 140.9 हेक्टेयर क्षेत्र में 635 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (FLD) आयोजित किए गए, जिनसे 735 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए। इन प्रदर्शनों से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और नई किस्मों की जानकारी मिली।


प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों के तहत संस्थान ने 26 प्रशिक्षण कार्यक्रम और 7 कृषक भ्रमण आयोजित किए, जिससे किसानों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने में मदद मिली।

इसके अलावा स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत संस्थान द्वारा 12 स्थलों पर 1240 लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।


निदेशक ने कहा कि संस्थान भविष्य में भी पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि समस्याओं के समाधान और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों को और मजबूत करेगा।


