

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चयनकर्ता मोहम्मद शमी को लेकर बड़ा यू-टर्न ले सकते हैं। लंबे समय से फिटनेस, फॉर्म और भविष्य को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन 35 वर्षीय तेज गेंदबाज अब एक बार फिर चयनकर्ताओं के रडार पर हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप उनकी संभावित वापसी के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ बनता दिख रहा है।



बीसीसीआई के एक सूत्र ने एनडीटीवी को बताया कि शमी के घरेलू प्रदर्शन पर करीबी नजर रखी जा रही है। सूत्र के अनुसार, अब शमी चयन की दौड़ से बाहर नहीं हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में उनका नाम शामिल होना आश्चर्यजनक नहीं होगा। चयनकर्ताओं का मानना है कि शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को विकेट लेने की कला आती है, असली चिंता केवल फिटनेस को लेकर है।



शमी के आंकड़े भी उनकी वापसी की बात को मजबूत करते हैं। हाल के छह घरेलू मैचों में उन्होंने 17 विकेट लिए हैं, जिसमें विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में उन्होंने सिर्फ चार मैचों में 20 विकेट झटककर अपनी धार कायम रखने का संदेश दिया है।



फिटनेस शमी की राह में हमेशा सबसे बड़ा रोड़ा रही है। 2023 वर्ल्ड कप के बाद से उन्हें टखने और घुटने की चोटों का सामना करना पड़ा। लंबी रिहैब और सर्जरी के चलते उनकी निरंतरता प्रभावित हुई, लेकिन शमी ने घरेलू क्रिकेट खेलकर यह साबित किया कि वह अब पूरी तरह फिट हैं।



इस साल की शुरुआत में शमी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर रहने पर चयनकर्ताओं पर सार्वजनिक तौर पर तंज भी कसा था। इस पर चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कहा कि अगर शमी पूरी तरह फिट होते तो वह टीम में होते। अगरकर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर घरेलू सीजन में लगातार नजर रखी जा रही है।


अब हालात बदलते दिख रहे हैं। शमी नियमित गेंदबाजी कर रहे हैं और विकेट निकाल रहे हैं। चयनकर्ताओं का रुख नरम पड़ता दिख रहा है और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से उनकी वापसी संभव लग रही है। टीम इंडिया के लिए 2027 वर्ल्ड कप में भरोसेमंद विकेट-टेकर की अहमियत किसी से छिपी नहीं है।


