मंगलौर जिला सहकारी बैंक में लॉकर से सोना बदलने का सनसनीखेज मामला

मंगलौर जिला सहकारी बैंक में लॉकर से सोना बदलने का सनसनीखेज मामला

स्थान – रूडकी
ब्यूरो रिपोर्ट

आम लोगों की यह धारणा है कि बैंक उनके धन और कीमती सामान के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होते हैं, लेकिन यदि बैंक व्यवस्था पर ही सवाल उठ जाए तो भरोसा डगमगा जाता है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला मंगलौर के जिला सहकारी बैंक से सामने आया है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

ढंढेरा निवासी अधिवक्ता गीता रानी ने वर्ष 2021 में मंगलौर जिला सहकारी बैंक में खाता खुलवाया था, साथ ही उन्होंने बैंक का एक लॉकर भी लिया था, जिसमें उन्होंने अपनी कीमती सोने की ज्वैलरी सुरक्षित रखी थी।

तीन वर्ष बाद जब वे आज अपना लॉकर खोलने बैंक पहुंचीं, तो लॉकर में रखे दो सोने के कड़े पीतल के निकले, जिसे देखकर वे हैरान रह गईं। पीड़िता ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद बैंक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया

पीड़ित महिला का आरोप है कि इस पूरे मामले में बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही पुलिस में लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगी।

वहीं, इस मामले पर बैंक के उप महाप्रबंधक चरण सिंह ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है, लेकिन बैंक की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक लॉकर प्रणाली में दो चाबियां होती हैं—एक बैंक के पास और दूसरी ग्राहक के पास। ऐसे में सोने के कड़े पीतल में कैसे बदले, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।