


स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


हालिया समय में देश और प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में सामने आए अग्निकांड की घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फायर सेफ्टी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में देहरादून स्थित दून अस्पताल भी पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।



दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. बिष्ट ने बताया कि हाल ही में कराए गए फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान अस्पताल में चार बड़ी कमियां सामने आई थीं। इनमें से तीन कमियों को तत्काल प्रभाव से दूर कर दिया गया है।



डॉ. बिष्ट के अनुसार, लंबे समय से बंद पड़ा फायर पंप सिस्टम अब पूरी तरह चालू कर दिया गया है, साथ ही उसकी फायर ड्रिल भी सफलतापूर्वक आयोजित की गई है। इसके अलावा अस्पताल में हॉज पाइप और अन्य आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी को भी पूरा कर लिया गया है।



उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अस्पताल भवन में कोई भी स्ट्रक्चरल कमी नहीं है, और सभी फायर एक्सटिंग्विशर समय से पहले बदले जा रहे हैं, ताकि आपात स्थिति में वे पूरी तरह कार्यशील रहें।

हालांकि चिकित्सा अधीक्षक ने यह भी स्वीकार किया कि अस्पताल के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशिक्षित फायर फाइटर्स की तैनाती को लेकर है। इसके लिए प्रिंसिपल स्तर पर मांग भेज दी गई है, और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से अलग से पद सृजित किए जाने की तैयारी की जा रही है।


फिलहाल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल अपने सुरक्षा गार्डों और मौजूदा स्टाफ के माध्यम से ही व्यवस्थाएं संभाल रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



