स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत: चोरंगी खाल में गंदगी के ढेर, खुले में शौच को मजबूर पर्यटक

स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत: चोरंगी खाल में गंदगी के ढेर, खुले में शौच को मजबूर पर्यटक

स्थान – उत्तरकाशी
ब्यूरो रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार-प्रसार पर जहां हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, वहीं जमीनी स्तर पर इसकी हकीकत कई जगह सवालों के घेरे में है। उत्तरकाशी जनपद का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चोरंगी खाल इसकी एक बानगी बनकर सामने आया है, जहां स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।

चोरंगी खाल वह महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री, उत्तरकाशी और टिहरी जनपद के लोग इसी मार्ग से गुजरते हैं और चाय-पानी के लिए यहां रुकते हैं। शीतकालीन यात्रा के दौरान नचिकेता ताल घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या भी यहां लगातार बढ़ रही है। बावजूद इसके, यहां बने सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद बदहाल है।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। न तो यहां सफाई कर्मचारी तैनात हैं और न ही पानी की कोई व्यवस्था है। हालात इतने खराब हैं कि पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही इस समस्या से जूझ रहे हैं, जो न केवल असुविधाजनक बल्कि शर्मनाक स्थिति भी पैदा कर रही है।

यह क्षेत्र चारों ओर से घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। ऐसे में खुले में शौच के लिए जाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी, यह बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।

स्थानीय व्यापारियों ने जिला पंचायत और पर्यटन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह स्थल टिहरी और उत्तरकाशी को जोड़ने वाला प्रमुख पर्यटन मार्ग है, जिससे जिले के बड़े अधिकारी भी अक्सर गुजरते हैं, लेकिन आज तक किसी अधिकारी की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ी।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, तो यह अभियान केवल कागजों और प्रचार तक ही सीमित रह गया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरंगी खाल में शौचालयों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, नियमित सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को खुले में शौच के लिए मजबूर न होना पड़े और स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य सही मायनों में साकार हो सके।