

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड के पिथौरागढ़ कोर्ट ने हाल ही में पतंजलि कंपनी के गाय के घी के एक सैंपल को जांच में घटिया पाया। इसके बाद कंपनी, वितरक और विक्रेता पर कुल ₹1.40 लाख का जुर्माना लगाया गया। कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ पतंजलि ने इसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए फैसले को फूड सेफ्टी ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है।


कंपनी का कहना है कि सैंपल में RM वैल्यू (वोलेटाइल फैटी एसिड) में मामूली अंतर था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है और यह प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत हुआ। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह गुणवत्ता मानकों से नीचे था और स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।


इस मामले पर अब यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि लंबे समय से ऐसा घी बना रही है जो मानकों पर खरा नहीं उतरता और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अन्य कंपनियों की गुणवत्ता पर कार्रवाई होती है तो उन पर करोड़ों का जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन पतंजलि के मामले में बीजेपी सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।




उदय भानु चिब ने कहा, “लोगों की जान को खतरे में डालने के लिए उतनी ही जिम्मेदार पतंजलि है जितनी जिम्मेदार भाजपा सरकार है। बीजेपी और पतंजलि के बीच पैसे का लेन-देन होने की वजह से यह खेल चल रहा है।”


इस विवाद ने उपभोक्ताओं और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जबकि फूड सेफ्टी ट्रिब्यूनल में मामले की सुनवाई अभी जारी है।



