धौली गंगा पर पुल की सौगात, अब ट्रॉली से नहीं जाएगा जुवा ग्वाडराज्य योजना के तहत 120 मीटर झूला पुल को मिली मंजूरी

धौली गंगा पर पुल की सौगात, अब ट्रॉली से नहीं जाएगा जुवा ग्वाडराज्य योजना के तहत 120 मीटर झूला पुल को मिली मंजूरी

स्थान : जुवा ग्वाड
ब्यूरो रिपोर्ट

ज्योर्तिमठ प्रखंड की सीमांत धौली गंगा घाटी के दूरस्थ और दुर्गम गांव जुवा ग्वाड के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब ग्रामीणों को अपने गांव तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर ट्रॉली का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। राज्य योजना के तहत बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र की रैणी न्याय पंचायत अंतर्गत जुवा ग्वाड गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए धौली गंगा नदी पर 120 मीटर लंबे सोपान झूला पैदल पुल के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।

इस पुल के निर्माण के लिए शासन स्तर से करीब 9 करोड़ 98 लाख 19 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में आई रैणी–ऋषि गंगा जल आपदा के दौरान यहां स्थित पुराना झूला पुल बह गया था। इसके बाद से ही ग्रामीण नए पुल के निर्माण की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत थे।

करीब चार साल के लंबे संघर्ष के बाद अब जुवा ग्वाड पैदल झूला पुल को स्वीकृति मिलने से पूरे धौली गंगा और नीती घाटी क्षेत्र में खुशी की लहर है। जिला पंचायत सदस्य ढाक आयुषी बुटोला, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के निरंतर प्रयासों से यह संभव हो पाया है। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।

ग्राम प्रधान दिनेश राणा ने बताया कि पुल के अभाव में बीते चार वर्षों से ग्रामीणों को विषम और विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। शादी-ब्याह से लेकर अन्य सामाजिक कार्यक्रम होटल या अन्य स्थानों पर करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज पुल की स्वीकृति से गांव के लोगों को बड़ी राहत मिली है।

वहीं नीति घाटी के समाजसेवी लक्ष्मण सिंह बुटोला ने कहा कि पुल की मंजूरी से ग्रामीणों के मन में खुशी की लहर है। यह केवल एक पुल नहीं बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक जीवन को फिर से मुख्यधारा से जोड़ने वाला अहम कदम है। उन्होंने भी प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।

पुल के निर्माण से जुवा ग्वाड गांव की आवाजाही सुगम होगी और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।