

लोकेशन : पांडुकेश्वर/ज्योर्तिमठ
ब्यूरो रिपोर्ट


बद्रीनाथ धाम की यात्रा के प्रमुख पड़ाव और पांडु नगरी के रूप में विख्यात पांडुकेश्वर में इन दिनों शीतकालीन यात्रा दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन हो रहा है। बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद तीर्थयात्री शीतकाल में यहां स्थित योग ध्यान बदरी मंदिर और श्री कुबेर मंदिर में दर्शन-पूजन कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।



युवक मंगल दल और महिला मंगल दल का विशेष स्वच्छता अभियान

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पांडु नगरी के युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों ने सामूहिक दायित्व निभाते हुए आज सभी मंदिरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के माध्यम से तीर्थ यात्रियों को स्वच्छता का संदेश भी दिया गया।


शीतकालीन गद्दी स्थलों पर जारी है विशेष पूजा-अभिषेक
पंच बदरी समूह से जुड़े इन मंदिरों में प्रतिदिन भगवान श्री बदरी विशाल जी के वरिष्ठ देवगण –


- श्री उद्धव जी
- श्री कुबेर जी

की नियमित अभिषेक और विशेष पूजाएं संपन्न की जा रही हैं। शीतकाल में यही देवगण अपने-अपने शीतकालीन गद्दी स्थलों यानी पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बदरी और कुबेर मंदिर में विराजमान रहते हैं।

कपाट खुलने पर पांडुकेश्वर से बद्रीपुरी की ओर प्रस्थान करती हैं देव डोलियां

जब श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने का समय आता है, तब श्री उद्धव जी और कुबेर देव की डोलियां पांडुकेश्वर से बद्रीपुरी की ओर रवाना की जाती हैं और वे पुनः श्री बदरी विशाल जी की बद्रीश पंचायत में विराजमान होते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए शीतकालीन दर्शन का विशेष अवसर

शीतकालीन अवधि में बद्रीनाथ धाम बंद रहने के दौरान श्रद्धालु पांडुकेश्वर पहुंचकर इन दोनों मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सकते हैं और शीतकालीन यात्रा का विशेष पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।


पांडुकेश्वर में स्वच्छता, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ इस समय यात्रा माहौल पूरी तरह आस्था से सराबोर दिखाई दे रहा है।


