

स्थान – बाजपुर
रिपोर्ट – भूपेंद्र सिंह पन्नू


केलाखेड़ा में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के विवादित बयान पर सिक्ख समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं का भारी आक्रोश देखने को मिला। शुक्रवार को केलाखेड़ा मंडल अध्यक्ष शशिप्रीत सिंह बबलू की अगुआई में सरकड़ी चौराहा पर हरक सिंह रावत का पुतला दहन किया गया।



युवा मोर्चा अध्यक्ष स्नेहिल कालरा ने कहा कि हरक सिंह रावत ने सिक्ख इतिहास को लेकर जिस तरह की टिप्पणी की है, वह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि “अगर सिक्ख कौम ने इतिहास में अपने बलिदान न दिए होते, तो हालात किसी के भी लिए अच्छे नहीं होते।”


सिक्ख समाज के प्रधान बलविंदर सिंह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत को सिक्ख इतिहास की जानकारी नहीं है, इसलिए उन्होंने ऐसी टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि “सिक्ख कौम का योगदान न होता तो देश आज इस रूप में नहीं होता। ऐसे में इस प्रकार का मजाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”


भाजपा मंडल अध्यक्ष शशिप्रीत सिंह बबलू ने भी हरक सिंह रावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “जिस व्यक्ति के नाम के आगे डॉक्टर लिखा है, वह इतिहास की बुनियादी जानकारी भी नहीं रखता। PHD करने के बाद डॉक्टर लगता है, लेकिन लगता है इनके ‘डॉक्टर’ होने पर भी सवाल उठते हैं।”


उन्होंने कहा कि सिक्खों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत ‘हिंद की चादर’ के रूप में देश के इतिहास में अमर है, और ऐसे समय में कांग्रेस नेता द्वारा सिक्ख समाज का मजाक उड़ाना बेहद निंदनीय है।

गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान परमजीत सिंह ने कहा कि यदि हरक सिंह रावत अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) जाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं, तभी सिक्ख समाज उन्हें क्षमा करने पर विचार करेगा।


घटना के बाद क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, जबकि सिक्ख समाज ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो विरोध और तेज किया जाएगा।


