

टॉप… हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


जिले में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन ने इसकी रोकथाम को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। हल्द्वानी कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुरुवार को संबंधित विभागों की बैठक ली और कई महत्वपूर्ण, सख्त तथा जमीन पर लागू होने वाले निर्देश जारी किए।



सोलर फेंसिंग होगी दुरुस्त, नियमित रख-रखाव अनिवार्य
जिलाधिकारी ने कहा कि वन क्षेत्रों से सटे गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, ऐसे में सोलर फेंसिंग को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए। खराब फेंसिंग की तत्काल मरम्मत और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।



जंगली जानवरों की गतिविधि वाले इलाकों में बढ़ेगी गश्त
जहां बाघ, गुलदार और अन्य जंगली जानवरों की मूवमेंट अधिक है, वहां वन विभाग को गश्त बढ़ाने और अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए। यदि किसी क्षेत्र में मूवमेंट बढ़ता है तो स्कूलों की समय-सारणी जरूरत के अनुसार बदली जाएगी ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।


बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर
स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के साथ किसी वयस्क को भेजने के लिए ग्रामीणों के साथ समन्वय करने को कहा गया।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए जंगल से लगे मार्गों पर मनरेगा के तहत झाड़ी कटान और सफाई अभियान नियमित रूप से चलाने के निर्देश भी दिए गए।


कंटीली फसलों से वन्यजीवों का रुख बदलेगा
मुख्य कृषि अधिकारी को ऐसे क्षेत्रों में तीखी या कंटीली फसलें उगाने के विकल्प तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे जंगली जानवरों की आवाजाही कम हो सके।


जंगलों में चाल–खाल भरने का आदेश
जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिया कि जंगलों के भीतर स्थित चाल–खाल में नियमित रूप से पानी भरा जाए ताकि वन्यजीव पानी की तलाश में आबादी की ओर न आएं।


होटल–रिज़ॉर्ट पर भी कार्रवाई के संकेत
जंगल के पास स्थित होटल, रिज़ॉर्ट और रेस्टोरेंट को भोजन का कचरा खुले में न फेंकने के निर्देश जारी किए जाएंगे, क्योंकि इससे जंगली जानवर मानव बस्तियों की ओर आकर्षित होते हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावी कदमों को जमीन पर सख्ती से लागू किया जाएगा और लापरवाही पर कार्रवाई तय है।


