


टॉप : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट


पौड़ी जनपद के गजल्ड गांव में आज सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला।



सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन स्थानीय लोग विभाग की कार्रवाई से बेहद नाराज़ दिखे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और गढ़वाल डीएफओ को तुरंत मौके पर बुलाने की मांग की।



इसी दौरान जब स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी मौके पर पहुँचे तो ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने विधायक से वन मंत्री सुबोध उनियाल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से तुरंत बात कराने की मांग की, लेकिन फोन न लगने पर उनका गुस्सा और भड़क गया।



स्थिति और बिगड़ गई जब आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में लगातार हो रहे गुलदार हमलों पर विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा और हर बार निचले स्तर के कर्मचारियों को भेजकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी और गढ़वाल डीएफओ मौके पर नहीं पहुंचते, वे कर्मचारियों को नहीं छोड़ेंगे। माहौल को बिगड़ता देख जिलाधिकारी स्वामी एस. भदौरिया तत्काल मौके पर पहुँचीं और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।


इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर लेटकर जाम भी लगा दिया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गुलदार को मारने के लिए शूटर भेज दिए गए हैं और मृतक के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।



