देवभूमि उत्तराखंड से बड़ी खबर: सरकारी विद्यालय में पांचवीं बार चोरी, ग्रामीणों में नाराज़गी

देवभूमि उत्तराखंड से बड़ी खबर: सरकारी विद्यालय में पांचवीं बार चोरी, ग्रामीणों में नाराज़गी

स्थान – जसपुर
रिपोर्टर – प्रदीप श्रीवास्तव

उधम सिंह नगर जनपद के कलियावाला गांव से चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक बार फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। यह घटना बीते शनिवार की देर रात की बताई जा रही है और खास बात यह है कि इस विद्यालय में यह पांचवीं चोरी है।

सूत्रों के मुताबिक चोर योजनाबद्ध तरीके से विद्यालय की दीवार कूदकर परिसर में घुसे। उन्होंने कमरों के मेन गेट पर लगे चार-चार ताले तोड़ दिए और जंजीर भी उखाड़कर फेंक दी। इसके बाद चोर बच्चों की कक्षाओं में लगी 52-52 इंच की दो एलईडी टीवी, सीसीटीवी डीवीआर, और कई जरूरी सामान उठा ले गए।

चोर यहीं नहीं रुके—वे प्रधानाचार्य कक्ष में घुसे और लोहे की सेफ अलमारी को तोड़कर सरकारी दस्तावेजों को अस्त-व्यस्त कर दिया। स्कूल के कई रजिस्टर भी चुरा लिए। इसके अलावा चोरों ने मध्यान्ह भोजन की रसोई का ताला तोड़कर वहां रखे दो गैस सिलेंडर, एल्युमिनियम के अनेक बर्तन, और शौचालयों पर लगे ताले तोड़कर पानी की मोटर भी चोरी कर ली।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य राजवीर सिंह ने बताया कि—
“यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी चार बार चोरी हो चुकी है लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले में चोरों तक नहीं पहुंची। सोमवार को स्कूल खुलते ही यह मंजर देखकर हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई।”

घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पांचवीं बार हुई इस चोरी पर कड़ा रोष जताया और सीधे तौर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि—
“पुलिस की लापरवाही के कारण ही चोर लगातार स्कूल और किसानों के नलकूपों से मोटरें चोरी कर रहे हैं। अगर पहले की चोरियों का खुलासा होता, तो शायद यह पांचवीं चोरी न होती।”

ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से चोरों को शीघ्र गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने और क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

इस लगातार होती वारदात ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्रामीणों में भी भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस जांच में जुट गई है, लेकिन अब ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं कि आखिर कब इन्हें न्याय मिलेगा और चोरों की गिरफ्तारी होगी।