


स्थान – बद्रीनाथ

रिपोर्टर – संजय कुंवर


बदरीनाथ धाम की यात्रा के दौरान सफाई और स्वच्छता बनाए रखना हमेशा चुनौती रहा है। लेकिन नगर पंचायत बदरीनाथ ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। धाम में होने वाले कूड़े का विपणन कर पंचायत ने इस यात्राकाल में 8 लाख 89 हजार 598 रुपए की आय अर्जित की है।




नगर पंचायत ने कुल 230 टन कचरे का निस्तारण किया, जिसमें 133 टन सूखे कचरे के ब्लॉक और 97 टन गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाई गई। इसके अलावा, इको पर्यटक शुल्क के माध्यम से 1 करोड़ 14 लाख 97 हजार 56 रुपए, फास्ट टैग बैरियर से 92 लाख 60 हजार 796 रुपए और हेलीकॉप्टर संचालन शुल्क से 22 लाख 36 हजार 260 रुपए की आय हुई।



नगर पंचायत ने धाम के कपाट बंद होने के बाद डीप सेनेटाइजेशन अभियान चलाया। इसमें मंदिर परिसर, ब्रह्म कपाल, तप्त कुंड, बामणी पैदल मार्ग, मुख्य बाजार, साकेत चौराहा, बद्रीश झील और शेषणेत्र झील के आसपास सफाई की गई।


नगर पंचायत ने बताया कि ईको पर्यटक शुल्क बाहरी वाहनों से लिया जाता है और इससे होने वाली आय का इस्तेमाल धाम में सफाई, पर्यटन विकास और अन्य व्यय के लिए किया जाता है।


बदरीनाथ की यह पहल अब जनपद की अन्य नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए भी मॉडल बन चुकी है।




