

स्थान -खटीमा

रिपोर्ट -अशोक सरकार


तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी के अंतर्गत खटीमा उपप्रभाग की खटीमा रेंज में आज एसओजी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वनवसा वीट क्षेत्र में अवैध लकड़ी चिरान करते हुए तीन अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।



एसओजी प्रभारी नवीन सिंह रैकवाल ने बताया कि उन्हें करीब दो–तीन दिनों से सूचना मिल रही थी कि बनवसा–चंदनी वीट क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से लकड़ी चिरान का काम कर रहे हैं। जानकारी की पुष्टि होने पर आज एसओजी टीम और वन विभाग ने संयुक्त छापेमारी की।


कार्रवाई के दौरान टीम ने तीन लोगों को मौके पर ही लकड़ी चिरान करते हुए पकड़ लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरा चिरान फायर वॉचर के घर के ठीक सामने हो रहा था। इतना ही नहीं, जब एसओजी ने मौके की जानकारी के लिए बन दरोगा से संपर्क किया तो उसका फोन स्विच ऑफ मिला और वह मौके पर भी मौजूद नहीं था।
एसओजी और वन विभाग की टीम ने तीनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर मौके से बरामद लकड़ी को खटीमा रेंज कार्यालय के सुपुर्द कर दिया।


इस मामले ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं—अगर एसओजी को तीन दिन पहले ही अवैध चिरान की सूचना मिल चुकी थी, तो वन विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? या फिर जानकारी होने के बावजूद खटीमा रेंज ने क्यों कार्रवाई नहीं की? यह जांच का विषय है।


संयुक्त टीम में शामिल अधिकारी/कर्मचारी:
- एसओजी प्रभारी — नवीन सिंह रैकवाल
- दिनेश चंद्र पंत
- वन दरोगा — नित्यानंद भट्ट
- वन दरोगा — उत्तम सिंह राणा
- वन दरोगा — मनोज थोरड़ी
- वन वीट अधिकारी — प्रकाश चंद्र
- बन दरोगा — ललित बिष्ट
- वन रक्षक सहित अन्य कर्मचारी

अवैध लकड़ी कटान पर लगी इस बड़ी कार्रवाई ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


