

लोकेशन : जसपुर
रिपोर्टर : अज़ीम खान



जसपुर नगरपालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि अपात्र व्यक्तियों को आवास योजना का लाभ दिया गया और उन्होंने मकान बेच दिया। इसके अलावा, मकानों पर लगी पीएमएवाई के विज्ञापन को हटाकर अन्य मकानों पर लगा दिया गया, जिससे योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


मामला जसपुर वार्ड नंबर 16 का है, जहां राशिदा बेगम नामक महिला ने पीएमएवाई का लाभ लिया। आरोप है कि राशिदा ने अपने आवास को बेच दिया और मकान पर लगा प्रधानमंत्री आवास का विज्ञापन भी हटा दिया गया। बाद में यह विज्ञापन पड़ोस के अन्य मकान पर लगा दिया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक व्यक्ति हथौड़े की मदद से आवास योजना का विज्ञापन हटा रहा है।



स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका और वार्ड सभासद की मिलीभगत से यह घोटाला संभव हुआ और शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जसपुर नगरपालिका क्षेत्र में अब तक 400 से अधिक लोगों ने पीएमएवाई का लाभ लिया है, जिनमें से कई मकान कथित तौर पर बेचे जा चुके हैं।


नगरपालिका अधिशासी अधिकारी उदयवीर सिंह ने बताया कि राशिदा बेगम, पत्नी दिलशेर के नाम से एक आवास आया था, जिसे उन्होंने बेच दिया। इसके बदले उन्होंने शपथ पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यदि शपथ पत्र झूठा पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।


इस घोटाले ने पीएमएवाई जैसी महत्वपूर्ण योजना की पारदर्शिता और सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनता और योजना के लाभार्थियों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।




